Aaj Bhi Khare Hain Talab: आज भी खरे हैं तालाब
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- Synopsis
- "आज भी खरे हैं तालाब" अनुपम मिश्र द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो भारत की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणाली की समृद्ध धरोहर को उजागर करती है। यह पुस्तक तालाबों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्ता पर प्रकाश डालती है, साथ ही इन जलस्रोतों को बनाए रखने में समुदायों की सहभागिता और जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। पुस्तक में पारंपरिक जल प्रबंधन की इंजीनियरिंग कुशलता, पर्यावरणीय संतुलन और समाज के गहरे संबंधों को दर्शाया गया है। इसमें साधारण व्यक्तियों, दूरदर्शी लोगों और भुला दी गई जातियों की कहानियों के माध्यम से यह बताया गया है कि किस तरह सदियों से यह परंपरा टिकाऊ जल संरक्षण का आधार रही है। आधुनिक युग में इन तालाबों की उपेक्षा और गिरावट के बावजूद, यह पुस्तक हमें जल संकट के समाधान के लिए सामुदायिक भावना और पर्यावरण-हितैषी तरीकों को पुनर्जीवित करने की प्रेरणा देती है। यह पारंपरिक ज्ञान को एक श्रद्धांजलि है और जल संरक्षण के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत करती है।
- Copyright:
- 1993
Book Details
- Book Quality:
- Excellent
- Book Size:
- 120 Pages
- Publisher:
- Paryavaran Kaksh, Gandhi Shanti Pratishthan
- Date of Addition:
- 02/08/25
- Copyrighted By:
- Blind Relief Association Delhi
- Adult content:
- No
- Language:
- Hindi
- Has Image Descriptions:
- Yes
- Categories:
- Self-Help, Literature and Fiction
- Submitted By:
- Bookshare Staff
- Usage Restrictions:
- This is a copyrighted book.
- Edited by:
- Book donated by The Blind Relief Association Delhi