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Aarthik Bhugol 2 SYBA Fourth Semester - SPPU: आर्थिक भूगोल २ एस.वाय.बी.ए. सेमिस्टर ४ - सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी

by Prof. A. B. Savadi Prof. P. S. Kolekar

सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठाने (SPPU) SYBA Geography (G-2) Semester - IV साठी (नोव्हेंबर-डिसेंबर 2020 पासून) 'आर्थिक भूगोल - 2' विषय [Cg 210 (B)] हे क्रमिक पुस्तक विद्यार्थ्यांसाठी सादर केले आहे. मानवी भूगोलाची एक महत्त्वपूर्ण शाखा 'आर्थिक भूगोल' आहे. सेमिस्टर - IV मध्ये या शाखेच्या अभ्यासातून मानवी आर्थिक क्रिया विशेषतः वाहतूक व व्यापार, उद्योगधंदे, प्रादेशिक विकास आणि प्रादेशिक विकासातील असंतुलन, भारतातील ग्रामीण विकासाचे कार्यक्रम यांचा परिचय व्हावा या दृष्टीने विद्यापीठाने 'आर्थिक भूगोल – 2' हा विषय भूगोल अध्ययनासाठी निश्चित केला आहे.

Aas Paas III Class 5 - Ncert

by Ncert

This is a Mathematics Hindi Medium Textbook for class 5 Published by Ncert.

Aas-Pass class 3 - NCERT - 23: आस-पास ३री कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

आस-पास ३री कक्षा पुस्तक में विषय-वस्तु बाल-केंद्रित रखी गई है, जिससे बच्चों को स्वयं खोजकर पता करने का अवसर मिले। पाठ्यपुस्तक में यह प्रयास किया गया है कि रटने की प्रवृत्ति कम हो। अतः परिभाषाएँ, वर्णन, अमूर्त्त प्रत्यय आदि को स्थान नहीं दिया गया है। पाठ्यपुस्तक में जानकारी देना बहुत ही सरल कार्य है। वास्तविक चुनौती है कि बच्चों को मौका दिया जाए, जिससे वे अपने विचार प्रकट करें, उत्सुकता को बढ़ा सकें, करके सीखें, प्रश्न करें तथा प्रयोग कर सकें। बच्चे पाठ्यपुस्तक से खुशी-खुशी जुड़े, इसके लिए पाठों का प्रस्तुतीकरण विविध तरीकों से किया गया है, जैसे- किस्से-कहानियाँ, संवाद, कविताएँ, पहेलियाँ, हास्य खंड, नाटक, क्रियाकलाप आदि। बच्चों में कुछ बातों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए अकसर किस्से-कहानियों का इस्तेमाल महत्त्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि बच्चे कहानी के पात्रों से अपने को आसानी से जोड़ सकते हैं। पुस्तक में प्रयुक्त भाषा भी ‘औपचारिक’ नहीं है, बल्कि बच्चों की बोल-चाल की भाषा है।

Aas-Pass class 4 - NCERT - 23: आस-पास ४थीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

आस-पास ४थी कक्षा पुस्तक में विषय-वस्तु बाल-केंद्रित रखी गई है, जिससे बच्चों को स्वयं खोजकर पता करने का अवसर मिले। पाठ्यपुस्तक में यह प्रयास किया गया है कि रटने की प्रवृत्ति कम हो। अतः परिभाषाएँ, वर्णन, अमूर्त्त प्रत्यय आदि को स्थान नहीं दिया गया है। पाठ्यपुस्तक में जानकारी देना बहुत ही सरल कार्य है। वास्तविक चुनौती है कि बच्चों को मौका दिया जाए, जिससे वे अपने विचार प्रकट करें, उत्सुकता को बढ़ा सकें, करके सीखें, प्रश्न करें तथा प्रयोग कर सकें। बच्चे पाठ्यपुस्तक से खुशी-खुशी जुड़े, इसके लिए पाठों का प्रस्तुतीकरण विविध तरीकों से किया गया है, जैसे- किस्से-कहानियाँ, संवाद, कविताएँ, पहेलियाँ, हास्य खंड, नाटक, क्रियाकलाप आदि। बच्चों में कुछ बातों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए अकसर किस्से-कहानियों का इस्तेमाल महत्त्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि बच्चे कहानी के पात्रों से अपने को आसानी से जोड़ सकते हैं। पुस्तक में प्रयुक्त भाषा भी ‘औपचारिक’ नहीं है, बल्कि बच्चों की बोल-चाल की भाषा है।

Aas-Pass class 5 - NCERT - 23: आस-पास ५वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

आस-पास ५वीं कक्षा का यह पाठ्यपुस्तक बाल-केंद्रित है, जिससे बच्चों को स्वयं खोजकर पता करने के अवसर मिलें, और वे रटने की मज़बूरी से बचें। अतः परिभाषाओं को कोई स्थान नहीं दिया गया है और मात्र जानकारी देने की अपेक्षा नहीं है। वास्तविक चुनौती है कि बच्चों को मौके दिए जाएँ कि वे अपने विचार प्रकट करें, उत्सुक बनें, करके देखें और सीखें, प्रश्न पूछें तथा प्रयोग करें। पुस्तक की भाषा 'औपचारिक' नहीं है, बल्कि बच्चों की बोल-चाल की भाषा है। बच्चे किताब के पृष्ठ को समेकित रूप से 'पढ़ते हैं, उसमें दिए शब्दों, चित्रों आदि को अलग-अलग नहीं देखते हैं। इस पुस्तक पृष्ठों को भी उसी नज़र से बनाया गया है और बच्चे इनका इस्तेमाल भी उसी समेकित तरह से करें। पाठ्यपुस्तक को ज्ञान का एकमात्र स्रोत न माना जाए, बल्कि बच्चों को स्वयं ज्ञान रचने में वह एक सहायक भूमिका निभाए, ताकि वे अपने आसपास के लोगों से, परिवेश से और समाचारपत्रों से भी सीखें।

Aas_Pass I Class 3 - Ncert

by Ncert

This is an Environmental Science Hindi Medium Textbook for Class 3 published by Ncert.

Aas_Pass II Class 4 - Ncert

by Ncert

This is an Environmental Science Hindi Medium Textbook for class 4 Published by Ncert.

ABC Bug Book for Kids

by Jessica Lee Anderson

Explore bug facts while practicing the ABCs—for kids ages 1 to 3.From ants to zebra spiders, there's a bug for every letter of the alphabet! Meet a huge variety of our many-legged friends with this colorful book made just for toddlers. They'll dive into awesome trivia about bugs—like what they eat and where they live—all while learning their letters.The ABC Bug Book is an engrossing alphabet book, specially designed with preschoolers in mind, to help them sharpen their reading skills while learning about the fascinating world of bugs. With a plethora of fascinating facts and vibrant pictures, this children's bug book enhances their natural curiosity about these many-legged creatures. Get a preschool bug book that includes:Crawling critters from A to Z—Connect all 26 letters to different bugs to help little ones remember what they learn.Fascinating facts and pictures—Age-appropriate language and tons of vibrant photos will keep kids engaged with every page.A quiet time activity—This book is perfect for adults to read aloud, or for kids and parents to read together.Help kids learn the alphabet and get excited about nature with this big book of bugs.

El ABC de Culebra, PR (¡Arriba la Lectura!, Big Book Module 8)

by Juan Carlos Garavito

NIMAC-sourced textbook

The ABC Volunteer

by Rachel Mann Kathleen Kemly

NIMAC-sourced textbook

The ABC Volunteer

by Rachel Mann Kathleen Kemly

NIMAC-sourced textbook

The Abcs Of Evaluation: Timeless Techniques For Program And Project Managers

by John Boulmetis Phyllis Dutwin

The second edition of the bestselling The ABCs of Evaluation offers a thoroughly revised and updated version of that classic book. Written for any program type or setting, The ABCs of Evaluation shows how to select participants for the evaluation and how to deal with multiple goals and objectives-including those of the organization, the staff, and the client. The authors describe different evaluation models, illustrate the circumstances under which each model can be used, and offer tips on identifying data sources and collecting the data itself. This new edition is filled with illustrative new cases and scenarios from various evaluation realms in social sciences, education, and human services. The book also contains information on how to negotiate the evaluation contract. Throughout the book, there are charts, graphs, models, and lists to help organize, extend, and facilitate the understanding of each evaluation concept.

Abdul's Lazy Sons: Independent Reading Gold 9 (Reading Champion #206)

by Katie Dale

Abdul works hard on the farm, but his sons never help. They are far too lazy! Then Abdul thinks of a clever trick to make them work very hard indeed ...Reading Champion is a completely innovative reading programme developed with experts at UCL's Institute of Education. The series offers independent reading books for children to practise and reinforce their developing reading skills, with books spanning the 4-11 age group.Fantastic, original stories are accompanied by engaging artwork and a reading activity. Each book has been carefully graded so that it can be matched to a child's reading ability, so they can read with little or no help and encourages reading for pleasure. This story is perfect for those reading book band 9 (Gold) or aged 6 and up.

Abhivyakti Aur Madhyam class 11 & 12 - NCERT: अभिव्यक्ति ओर माध्यम कक्षा ११ & १२

by National Council Of Educational Research and Training

This book prescribed by central board of secondary education, India for the students of class 11th & 12th subject Hindi, studying through hindi medium. This accessible version of the book doesn’t leave any part of the book. The book is handy companion of the school and university students desiring to read facts in interesting way. NCERT books are must read for aspirants of competitive and job related examinations in India.

Abhivyakti Aur Madhyam class 11 and 12 - NCERT - 23: अभिव्यक्ति और माध्यम ११वीं और १२वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

विद्यार्थियों की सहज भाषा अभिव्यक्ति का ताकतवर ज़रिया बने। स्कूली जीवन से ही वे बाहर की विशाल दुनिया में झाँकें, जीवन जगत के अनेक रूपों को समझे-बूझें, रंग-बिरंगे सपनों का ताना-बाना फैलाना सीखें, मुश्किलों को पहचानें और उसका सामना कर सकें यानी अपनी राह तलाशने में या बनाने में वे खुद सक्षम हो सकें। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (2005) में इन बिंदुओं पर खासा बल है। इन्हीं को ध्यान में रखकर नए पाठ्यक्रम के तहत उच्चतर माध्यमिक स्तर पर हिंदी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक ऐसी पुस्तक की परिकल्पना की गई, जो अभिव्यक्ति के अलग-अलग माध्यमों पर केंद्रित हो। अभिव्यक्ति और माध्यम नामक इस पुस्तक की तीन इकाइयाँ हैं- जनसंचार माध्यम और लेखन, सृजनात्मक लेखन और व्यावहारिक लेखन। ये तीनों ही माध्यम एक विशेष बिंदु पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और व्यापक रूप से संचार के ही अलग-अलग रूप हैं। साज-सज्जा के लिए तसवीरों के साथ-साथ रेखांकन, स्वतंत्र कार्टून और कैरीकेचर की मदद ली गई है। व्यंग्य के सहारे कार्टून संजीदा बिंबात्मक अर्थ देने में समर्थ होते हैं। जनसंचार, सृजनात्मक लेखन और व्यावहारिक लेखन जैसे विषयों के साथ-साथ कार्टून चित्रों का प्रयोग विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति का एक नया माध्यम भी दे सकता है।

Abhivyakti Hindi Gadya-Padya Sangrah class 11 - Goa Board: अभिव्यक्ति हिंदी गद्य-पद्य संग्रह कक्षा ग्यारहवीं - गोवा बोर्ड

by Madhyamik Tatha Uchcha Madhyamik Sikshan Mandal Parvari Goa

अभिव्यक्ति हिंदी गद्य-पद्य संग्रह कक्षा ग्यारहवीं के लिए हिंदी (द्वितीय भाषा) की पाठ्य-पुस्तक तैयार की गई है। प्रस्तुत पुस्तक माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक स्तर के लिए शिक्षा मंडल की नीति-योजना के अनुसार 'हिंदी अभ्यास मंडल' के मार्गदर्शन में 'संपादक मंडल' ने तैयार की है। पुस्तक में गद्य, पद्य और द्रुत-वाचन आदि तीन खंड दिए गये है।

Abhivyakti Hindi Gadya-Padya Sangrah class 12 - Goa Board: अभिव्यक्ति हिंदी गद्य-पद्य संग्रह कक्षा बारहवीं - गोवा बोर्ड

by Madhyamik Tatha Uchcha Madhyamik Sikshan Mandal Parvari Goa

अभिव्यक्ति हिंदी गद्य-पद्य संग्रह कक्षा बारहवीं के लिए हिंदी (द्वितीय भाषा) की पाठ्य-पुस्तक तैयार की गई है। प्रस्तुत पुस्तक के संपादन में हिंदी-साहित्य की महत्त्वपूर्ण विधाओं के समावेश के साथ-साथ स्थानीय कोंकणी मराठी विद्वानों की रचनाओं को भी संकलित किया गया है, ताकि विद्यार्थी यहाँ की जमीनी अस्मिता से परिचित हो सकें। रचना और रचनाकारों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकात्मकता की भावना को परिपुष्ट करने पर बल दिया गया है। जिससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा का विकास हो सके। इस पुस्तक में परिचय, प्रमुख कृतियाँ, केन्द्रीय भाव एवं विचार, शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्न, विशेष आदि शीर्षक के अंतर्गत मूल विषय को विवेचित कर सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। जिससे विद्यार्थी और अध्यापकगण पाठ को अच्छी तरह समझ सकें। पुस्तक संपादन की प्रक्रिया में संपादक मंडल के सदस्यों ने यथाशक्ति निष्ठा और ईमानदारी से अपने-अपने कार्यों का निर्वहन किया है।

Abhyaswaan Bhav class 10 - NCERT - 23: अभ्‍यासवयान् भव १०वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

अभ्‍यासवयान् भव 10वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक संस्कृत भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पुस्तक में कुल चौदह पाठ हैं – अभ्यासवान् भव में दशम कक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमानुसार अभ्यास हेतु पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे न केवल आवश्यक व्याकरण-बिंदुओं से परिचित होते हैं, बल्कि वाक्य संरचना कौशल का पर्याप्त ज्ञान भी प्राप्त करते हैं। पुन:-पुन: अभ्यास करने से विषयों का ज्ञान हो जाता है और वह स्मृत विद्या चिरकालपर्यन्त याद रहती है। ‘अनभ्यासे विषं विद्या' यह जानते हुए विद्यार्थियों को पर्याप्त अभ्यास करना चाहिए। इस अभ्यास पुस्तिका में अपठितांश, पत्र, चित्रवर्णन, अनुच्छेदलेखन, संस्कृतानुवाद, सन्धि, समास, प्रत्यय, अव्यय, समय, वाच्य और अशुद्धि संशोधन पर आधारित बारह पाठ हैं। इसके अतिरिक्त मिश्रित अभ्यास हेतु दो कार्यपत्रिकाएँ त्रयोदश पाठ में समाविष्ट की गई हैं। चतुर्दश पाठ में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार एक आदर्श प्रश्न पत्र भी समाविष्ट किया गया है, जो परीक्षा हेतु तैयारी में सहायक होगा। परिशिष्ट में ध्येय-वाक्यों और व्यवहार-वाक्यों का संकलन है, जिससे छात्रों की संभाषण क्षमता में वृद्धि होगी।

Abhyaswaan Bhav class 9 - NCERT - 23: अभ्यासवान् भव ९वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

अभ्‍यासवयान् भव 9वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक संस्कृत भाषा में प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक में कुल बारह पाठ हैं- इसमें 12 अध्याय हैं। प्रथम अध्याय में अपठितावबोधनम्, द्वितीय में पत्रम्- (क) अनौपचारिकम् पत्रम्, (ख) औपचारिकम् पत्रम्, तृतीय में चित्रवर्णनम्, चतुर्थ में संवादानुच्छेदलेखनम्, पंचम में रचनानुवादः, षष्ठ में कारकोपपदविभक्तिः, सप्तम में सन्धिः, अष्टम में उपसर्गाव्ययप्रत्ययाः, नवम में समासाः, दशम में शब्दरूपाणि अकारान्त पुंल्लिङ्गशब्दः, एकादश अध्याय में धातुरूपाणि एवं द्वादश अध्याय में वर्णविचार: दिए गए हैं। पुस्तक के परिशिष्ट 1 में फलादीनां नामानि तथा परिशिष्ट 2 में विलोमपदानि एवं पर्यायपदानि को दिया गया है। इस तरह इस पुस्तक में कक्षा नवम के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप संस्कृत व्याकरण के आधारभूत नियमों का परिचय देते हुए उपयोगी अभ्यासचारिका द्वारा छात्रों की संस्कृत समझ तथा भाषा प्रयोग को सुदृढ़ करने का प्रयत्न किया गया है।

Abnormal Child Psychology (Mindtap Course List)

by Eric Mash David Wolfe

ABNORMAL CHILD PSYCHOLOGY, 7th Edition introduces you to childhood and adolescent disorders, treatment, and prevention using an approach that recognizes the interconnectedness of biological, psychological, social, and emotional influences. You'll view each disorder from the perspective of the whole child, with diagnostic criteria as well as emphasis on the strengths of the individual, environmental circumstances, issues pertaining to younger and older age groups, and the risk and protective factors affecting developmental pathways. Case histories, examples, and first-person accounts are at the heart of the text, bringing to life theories, disorders, and the real people who are affected by them.

Abnormal Child Psychology (Fifth Edition)

by Eric J. Mash David A. Wolfe

This book's thoughtful and accurate balance of developmental, clinical-diagnostic, and experimental approaches to child and adolescent psychopathology is accessible to a broad range of readers. Up-to-date and forward-looking, the book continues to provide the most authoritative, scholarly, and comprehensive coverage of these subjects, tracing the developmental course of each disorder and showing how biological, psychological, and sociocultural factors interact with a child's environment. Coverage includes the DSM-IV-TR and dimensional approaches to classification as well as evidence-based assessment and treatment, contemporary research, and the latest theories related to the predominantly inattentive ADHD subtype, early-onset and the developmental propensity model of conduct disorder, the triple vulnerability model of anxiety, the tripartite model in children, depression, and autism.

Abnormal Psychology: An Integrative Approach

by David Barlow V. Durand Stefan Hofmann

Balancing biological, psychological, social, and cultural approaches, this book's ground-breaking integrative approach is the most modern, scientifically valid method for studying abnormal psychology. Updated with leading-edge research findings, the eighth edition draws on the expertise of David H. Barlow, V. Mark Durand, and Stefan G. Hofmann, three internationally recognized experts in clinical psychology. <p><p> In ABNORMAL PSYCHOLOGY: AN INTEGRATIVE APPROACH, the authors successfully blend sophisticated research with an accessible, engaging writing style. They go beyond simply describing different schools of thought on psychological disorders, exploring the interactions of the various forces that contribute to psychopathology. This comprehensive resource includes integrated case studies (95 percent from the authors' own files) and additional study tools.

Abnormal Psychology: An Integrative Approach (Seventh Edition)

by David H. Barlow V. Mark Durand

Balancing biological, psychological, social, and cultural approaches, David Barlow and V. Mark Durand's groundbreaking integrative approach is the most modern, scientifically valid method for studying abnormal psychology. In this Seventh Edition of their proven ABNORMAL PSYCHOLOGY: AN INTEGRATIVE APPROACH, Barlow and Durand successfully blend sophisticated research and an accessible writing style with the most widely recognized method of discussing psychopathology. Going beyond simply describing different schools of thought on psychological disorders, the authors explore the interactions of the various forces that contribute to psychopathology. A conversational writing style, consistent pedagogical elements, integrated case studies (95 percent from the authors' own files), video clips of clients, and additional study tools make this text the most complete learning resource available.

Abnormal Psychology

by Deborah C. Beidel Cynthia M. Bulik Melinda Stanley

Presents a balanced Scientist - Practitioner - Educator approach to understanding Abnormal Psychology. Several features distinguish this text from other textbooks currently available. First, the base of abnormal psychology rests on knowledge generated through scientific studies and clinical practice. This text emphasizes this rich blend throughout. Second, it is increasingly clear that most forms of adult abnormal behavior either begin in childhood or have childhood precursors. This text highlights what is known about the developmental trajectory of each condition. Such a focus is instrumental in helping students gain some insight into the etiology of maladaptive conditions. Third, Beidel integrates biological findings with findings from social and behavioral sciences to foster the perspective that abnormal behavior is complex and subject to many different forces, and highlight how these variables often interact in a reciprocal fashion. Fourth, scientific findings with respect to race and gender are discussed with respect to each condition. This includes a discussion of prevalence, differences in symptom manifestation, and any known etiological differences. Importantly, an effort is made to “bring to life” the nature of these conditions by providing vivid clinical descriptions. In addition to short descriptions used liberally throughout each chapter, a fully integrated case study is presented at the end of each chapter, again illustrating the interplay of biological, psychosocial and emotional factors.

Abnormal Psychology: A Scientist-Practitioner Approach

by Deborah C. Beidel Cynthia M. Bulik Melinda A. Stanley

Abnormal Psychology: A Scientist-Practitioner Approach portrays the human face of various psychological conditions, helping students to understand that abnormal behavior is complex and subject to many different forces. Authors Deborah Beidel, Cynthia Bulik, and Melinda Stanley -- all active researchers, clinicians, and educators -- bring abnormal psychology to life via a scientist--practitioner approach that integrates biological data with research from the social and behavioral sciences. The Fourth Edition offers expanded coverage of disorders emphasized in the DSM-5, as well as discussions of contemporary issues that foster student interest.

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