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Karmu Pradhan
by Ramujagar DubeyKarmu Pradhan is a play of a boy who gave prime importance to "KARMA". The play also gives artistic energy to the rural development which becomes evident while seeing the unfolding of the events in the play.
Kasap: कसप
by Manohar Shyam Joshiइस उपन्यास में मध्यवर्गीय जीवन की टीस को अपने पंडिताऊ परिहास में ढालकर एक प्राध्यापक ने मानवीय प्रेम को स्वप्न और स्मृत्याभास के बीचोबीच ‘फ्रीज’ कर दिया है। 1910 के काशी से लेकर 1980 के हॉलीवुड तक की अनुगूँजों से भरा, गँवई, अनाथ, भावुक साहित्य-सिनेमा अनुरागी लड़के और काशी के समृद्ध शास्त्रियों की सिरचढ़ी, खिलन्दड़, दबंग लड़की के संक्षिप्त प्रेम की विस्तृत कहानी सुनानेवाला यह उपन्यास एक विचित्र-सा उदास-उदास, मीठा-मीठा-सा प्रभाव मन पर छोड़ता है। ऐसा प्रभाव जो ठीक कैसा है, यह पूछे जाने पर एक ही उत्तर सूझता है – ‘कसप!… और कुमाऊँनी में ‘कसप’ का मतलब होता है – ‘पता नहीं!’
Kashi: काशी: काले मंदिर का रहस्य
by Vineet Bajpai'ब्रह्मांड की समस्त काली शक्तियां उसकी दास हैं...' 1699 ईसापूर्व, आर्यवर्त के दलदल - जब प्रलय की लहरें एक-एक नगर को अपनी चपेट में लेती जा रही थी, तब विराट नौका और धरती के बीच एक अंतिम युद्ध की शुरुआत हुई। एक निर्मम राजा ने मानवजाति के अस्तित्व को चुनौती देते हुए कलयुग के आगमन की घोषणा की। 2017, बनारस रात्रि के आकाश में एक पवित्र नक्षत्र प्रस्फुटित हुआ और भविष्यवाणी में नियत समय आ पहुंचा। 'दैव- इलिदान एक भयानक राक्षस-बलि में बदल गया, और देवता ने पापी भ्रातृसंघ के रक्तरंजित इतिहास से पर्दा उठाया। 762 ईस्वी, राष्ट्रकूट साम्राज्य शक्तिशाली सम्राट पृथ्वीवल्लभ से मिलने के लिए पवित्र नगरी से एक रहस्यमयी अतिथि आया। उसने सम्राट को प्राचीन रहस्य सौंपा, जिसने सम्राट को एक शौर्यपूर्ण और असंभव अभियान के लिए प्रेरित किया। 2017, न्यूयॉर्क शहर - छठी पीढ़ी के एक अरवपति को 'द बिंग मैन' का फोन आया। न्यू वर्ल्ड ऑर्डर के उस सर्वेसर्वा ने अपने अंतिम दांव के बारे में बताया। मुंबई के अंडरवर्ल्ड ने भी शैतान के दूत से हाथ मिला लिया! क्या विद्युत भ्रातृसंघ के साथ होने वाले निर्णायक युद्ध में विजयी हो पाएगा? यूरोप में 14वीं सदी में हुई काली मृत्यु के पीछे कौन सा घिनौना सत्य है? प्रकाश और अंधेरे, अच्छाई और बुराई, ईश्वर और शैतान के बीच होने वाले अंतिम युद्ध का साक्षी बनने के लिए पढ़िए।
Katha Dhara class 11 - RBSE Board: कथा धारा 11वीं कक्षा - आरबीएसई बोर्ड
by Madhyamik Shiksha Board Rajasthan Ajmerकथा धारा कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिखी गई पाठ्यपुस्तक प्रस्तुत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता है । पुस्तक लेखन पाठ्यसामग्री संकलन में यह ध्यान रखा गया है कि हिंदी साहित्य की समृद्ध संपदा के राष्ट्रीय फलक से विद्यार्थियों को परिचित करवाते समय राजस्थान के आदर्श नायकों तथा रचनाकारों का व्यक्तित्व एवं कृतित्व भी विद्यार्थियों के समक्ष आए ताकि हमारे विद्यार्थी हिंदी की मुख्यधारा में राजस्थान के योगदान को रेखांकित करने में समर्थ बनें। छोटे कलेवर वाली इस पुस्तक में संकलित सामग्री एक संकेत मात्र है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी इस दिशा में सोचना तथा इस राह पर अग्रसर होना शुरु करेंगे। निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार पुस्तक के संपादन का गुरुत्तर दायित्व प्रदान करने हेतु माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर का आभार । यद्यपि इस पुस्तक में मानक हिंदी का अनुसरण किया गया है तथापि कहीं-कहीं पाठ की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए पुरानी वर्णमाला का प्रयोग किया गया है।
Kaun Ho Tum: कौन हो तुम
by Sangeeta Pandeyक्या होता है जब प्यार शादीशुदा ज़िंदगी में दस्तक देता है? अंजाम किस हद तक ले जाता है? बर्बादी या प्यार की एक ऐसी कहानी जिसकी मिसाल दिल को छू जाए। आसान नही थी मोहिनी के लिए मोहब्बत की डगर, पर न जाने ऐसी कौन सी ताकत थी प्यार में कि हर दरिया पार करती चली गई। पर ये सुख ज़िंदगी को मंज़ूर कहां था? एक ऐसा पड़ाव आया... जहां, जिस शख़्स के लिए बहुत ख़ास थी मोहिनी, उसी की नज़रों से उतर गई... जो उसकी पूरी ज़िंदगी है, उसका वह एक लम्हा भी नहीं। सवाल उसकी खुशी का था तो मोहिनी ने चुप्पी साध ली पर आनंद की चुप्पी डसने लगी उसे, उसके अतीत की परछाई ने सब छीन लिया उससे। चाहत प्यार की थी, बेशुमार ग़म भर गए झोली में। क्या आनंद मोहिनी की ख़ामोशी कभी समझ पाएगा? क्या मोहिनी को तमन्नाओं की उड़ान मिलेगी या बिरह की अग्नि में जल जाएगी मोहब्बत? सामाजिक बंधनों के बीच उपजा आनंद और मोहिनी का प्यार परवान तो चढ़ा लेकिन क्या समाज के नाम की बलि चढ़ जाएगा या उनके जज़्बात एक नया मोड़ लेंगे?
Kavitavali: कवितावली
by Indradev Narayanगोस्वामी श्री तुलसीदासजी द्वारा विरचित तथा श्री इन्द्रदेव नारायण जी द्वारा अनुवादित यह पुस्तक भावुक भक्तों को प्राणों के समान प्रिय है। इसमें भगवान श्रीराम के बालकाण्डसे लेकर उत्तरकाण्ड पर्यन्त लीलाओं का बड़ा ही मनोहारी चित्रण है।
Kavya Pradeep Class 11
by Suryanarayan RanshubheThis is collection of hindi poems from 1910 to 2010 for students of class eleven of Maharastra education board.
Kavya Sarita (Hindi) F.Y.B.A. Pune University
by Suresh SalunkeKavya Sarita text book for First year from The Pune Universtity in Hindi.
Kavya-vithi
by Vindhyavasini Nandan Pande Dr Arun Kumar Mithilesh Kumar SinghKavya - Vithi is a Hindi poerty book published by Bhasha Publisher and written by Dr.Vindhyavasini nandan Pande, Dr.Arun Kumar, and Dr.Mithilesh Kumar Singh. In this book the work is given about the poets and their poems.
Kavya-Vithi B.A. Sem-I - Ranchi University, N.P.U.
by Vindhyavasini Pande Arun Kumar Mithilesh SinghKavya - Vithi is a Hindi poerty book published by Bhasha Publisher and written by Dr.Vindhyavasini nandan Pande, Dr.Arun Kumar, and Dr.Mithilesh Kumar Singh. In this book the work is given about the poets and their poems.
Khele Karen Sikhen class 1 - Maharashtra Board: खेलें करें सीखें १लीं कक्षा - महाराष्ट्र बोर्ड
by Maharashtra Rajya Pathyapustak Nirmiti Va Abhysakram Sanshodhan Mandal Pune"खेलें, करें, सीखें" पहली कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई एक बहुआयामी पाठ्यपुस्तक है, जो स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा, कार्यानुभव और कला शिक्षा को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करना है। इसमें शारीरिक गतिविधियाँ, कला, संगीत, नाट्य, हस्तकला और अन्य रचनात्मक उपक्रमों को शामिल किया गया है, जिससे बच्चों का संपूर्ण विकास हो सके। पुस्तक में खेलों और गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक संतुलन, अनुशासन, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें दैनिक जीवन से जुड़ी आदतों, स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता और नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह पाठ्यपुस्तक बच्चों को उनकी रुचियों और क्षमताओं को विकसित करने में मदद करती है और उन्हें सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाती है।
Khele Karen Sikhen class 2 - Maharashtra Board: खेलें करें सीखें २रीं कक्षा - महाराष्ट्र बोर्ड
by Maharashtra Rajya Pathyapustak Nirmiti Va Abhysakram Sanshodhan Mandal Pune"खेलें, करें, सीखें" कक्षा दूसरी यह पुस्तक बच्चों को शारीरिक, मानसिक और कलात्मक विकास के लिए प्रोत्साहित करती है। इसमें स्वास्थ्य, स्वच्छता, शारीरिक गतिविधियाँ, खेल, कला, वादन, गायन और नाट्य जैसे विषयों का समावेश है। बच्चे दैनिक गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता और प्राथमिक उपचार सीखते हैं। "करें" खंड में व्यावसायिक कौशल, आपदा प्रबंधन और जल साक्षरता पर जोर दिया गया है। "सीखें" खंड बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए कला और शिल्प से संबंधित अभ्यास प्रदान करता है। इसके अलावा, यह पुस्तक समावेशी शिक्षा पर जोर देती है, जो दिव्यांग छात्रों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करती है। इसमें कक्षा के शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी मार्गदर्शन दिया गया है, ताकि शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाया जा सके।
Khele Karen Sikhen class 3 - Maharashtra Board: खेलें करें सीखें ३रीं कक्षा - महाराष्ट्र बोर्ड
by Maharashtra Rajya Pathyapustak Nirmiti Va Abhysakram Sanshodhan Mandal Pune'खेलें, करें, सीखें' पाठ्यपुस्तक तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है, जो स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा, कला और कार्यानुभव जैसे विषयों को समग्र रूप से समेटती है। इसमें बच्चों को शारीरिक गतिविधियाँ, खेल, कला-कौशल, और प्राकृतिक पर्यावरण की जानकारी देकर जीवन कौशल सिखाने पर जोर दिया गया है। यह पुस्तक विभिन्न शैक्षणिक अनुभवों, रंगीन चित्रों, वर्कशीट्स और रचनात्मक उपक्रमों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई में रुचि दिलाती है। कक्षा की सजावट, जल साक्षरता, व्यायाम, योग, और आपदा प्रबंधन जैसे विषय सरल गतिविधियों के जरिए बच्चों तक पहुँचाए जाते हैं। साथ ही, छात्रों को व्यावसायिक ज्ञान, तकनीकी कौशल, और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित किया गया है। यह पाठ्यक्रम छात्रों में रचनात्मकता, टीमवर्क और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक है।
Khele Karen Sikhen class 4 - Maharashtra Board: खेलें करें सीखें ४थीं कक्षा - महाराष्ट्र बोर्ड
by Maharashtra Rajya Pathyapustak Nirmiti Va Abhysakram Sanshodhan Mandal Pune"खेलें, करें, सीखें" चौथी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तैयार एक अभिनव और रचनात्मक पाठ्यपुस्तक है, जिसे महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल ने प्रकाशित किया है। इस पुस्तक में स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा, कार्यानुभव, और कला शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को समाहित किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य बच्चों को खेल-कूद, व्यायाम, चित्रकला, नृत्य, और शिल्पकला जैसे कौशल सिखाते हुए उनके मानसिक और शारीरिक विकास को प्रोत्साहित करना है। इसमें शिक्षा को मनोरंजन के साथ जोड़ा गया है, ताकि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें। साथ ही, बच्चों में स्वच्छता, टीम वर्क और अनुशासन के महत्व को भी सरल और रोचक तरीके से समझाया गया है। यह पुस्तक बच्चों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को प्रेरित करने के लिए आदर्श है।
Khele Karen Sikhen class 5 - Maharashtra Board: खेलें करें सीखें ५वीं कक्षा - महाराष्ट्र बोर्ड
by Maharashtra Rajya Pathyapustak Nirmiti Va Abhysakram Sanshodhan Mandal Pune‘खेलें, करें, सीखें’ पाँचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई एक पाठ्यपुस्तक है, जो स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा, कार्यानुभव और कला शिक्षा को एकीकृत करती है। इस पुस्तक का उद्देश्य बच्चों को खेल, गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करना है। इसमें व्यायाम, योग, नृत्य, नाट्य, संगीत, चित्रकला, हस्तकला, कृषि, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और स्वच्छता जैसे विषयों को समाहित किया गया है। बच्चे न केवल खेल और गतिविधियों का आनंद लेते हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भरता, अनुशासन, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व भी सीखते हैं। पुस्तक में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अच्छी आदतें विकसित करने, और विभिन्न कौशलों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसमें मौलिक हलचलों, प्रतियोगिताओं, उत्पादक उपक्रमों और पारंपरिक खेलों की जानकारी दी गई है, जिससे बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास विकसित हो सके।
Khichadi Ek Lokkatha
by Jitendra Kumarखिचड़ी एक छोटी सी लोककथा है। जिसमें बिरजू नामक व्यक्ति अपनी सास की बनाई खिचड़ी को खाता है और उसे दोबारा खाने के लिए उसका नाम याद करते हुये अपने घर जाता है, रास्ते में खिचड़ी शब्द बदल कर कुछ का कुछ हो जाता है और अन्त में मां के बोलने पर उसे खिचड़ी शब्द वापस याद आ जाता है। इस छोटी सी लोककथा को लेखक ने बच्चो के लिए ढेर सारे चित्रो से सजाया है।The book Khichadi is a small Folklore. In this story there is a man named Birju who had eaten khichadi made by his mother in law.He wanted to eat khichadi again.How he ate khichadi and return home is an interesting affair.
Khoon Se Ranga Chaku: खून से रंगा चाकू
by Surender Mohan Pathak"खून से रंगा चाकू" सुरेन्द्र मोहन पाठक द्वारा लिखित एक जासूसी उपन्यास है, जिसमें सुनील नामक एक प्रमुख पात्र एक रहस्यमयी हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटा है। कहानी की शुरुआत एक महत्वपूर्ण असाइनमेंट से होती है, जिसमें सुनील को दीवान अयोध्या प्रसाद के घर एक रिसेप्शन कवर करना होता है। दीवान अयोध्या प्रसाद एक धनी व्यापारी है, जिसका नाम एक पुराने एक्सपोर्ट स्कैण्डल से जुड़ा हुआ है। कहानी धीरे-धीरे रहस्य, धोखाधड़ी, और हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां सुनील सच्चाई तक पहुंचने के लिए कई खतरों का सामना करता है। "खून से रंगा चाकू" की कहानी में सुनील को दीवान अयोध्या प्रसाद की भतीजी दिव्या के शादी के रिसेप्शन को कवर करने का मौका मिलता है। दिव्या की शादी अनूप नामक एक युवक से होती है, और इसी शादी के जरिए पुराने एक्सपोर्ट स्कैण्डल और कुछ छिपे हुए राज फिर से सामने आते हैं। कहानी में दिव्या, अनूप, और दीवान अयोध्या प्रसाद के बीच के रिश्तों में खटास और तनाव उभरता है, जिससे कई रहस्यों का खुलासा होता है। सुनील को जल्द ही पता चलता है कि इस केस के पीछे साजिशें और धोखे की एक जटिल जाल बिछी हुई है, जिसमें हत्या और षड्यंत्र की गहरी साजिश छिपी है। यह उपन्यास सस्पेंस, थ्रिल और रहस्य से भरा हुआ है, जहां सुनील न केवल सच का पता लगाने की कोशिश करता है, बल्कि अपनी जान भी जोखिम में डालता है।
KHSITIJ Bhag 1
by National Council Of Educational Research TrainingThis book prescribed by central board of secondary education, India for the students of class 9th subject Hindi, studying through hindi medium. This accessible version of the book doesn’t leave any part of the book. The book is handy companion of the school and university students desiring to read facts in interesting way. NCERT books are must read for aspirants of competitive and job related examinations in India.
Khsitij Bhag 2
by National Council Of Educational Research TrainingThis book prescribed by central board of secondary education, India for the students of class 10th subject Hindi, studying through hindi medium. This accessible version of the book doesn’t leave any part of the book. The book is handy companion of the school and university students desiring to read facts in interesting way. NCERT books are must read for aspirants of competitive and job related examinations in India.
Khwahishon Ka Safar: ख्वाहिशों का सफर
by Dewashish Upadhyayअंकुर ठाकुर बिहार के आरा जिले का एक मेधावी छात्र था, परंतु उसकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉप करने के बाद उसके पिताजी आईआईटी की तैयारी का चाहते थे लेकिन उनके पास फीस भरने को पैसा नहीं था। बावजूद इसके अंकुर अपनी काबिलियत के दम पर फ्री सीट पर कोटा की एक प्रतिष्ठित कोचिंग में एडमिशन प्राप्त करता है। पहले प्रयास में आईआईटी मेंस में अच्छे नंबर आने के बावजूद एडवांस एग्जाम से 15 दिन पहले उसे डेंगू हो जाता है, जिसके कारण उसका IIT में फाइनल सलेक्शन नहीं हो पाता है। दूसरे अटेम्प्ट में मेंस से 3 दिन पहले उसके पिताजी का देहांत हो जाता है, उसके पास इतना भी पैसा नहीं होता है कि वह टिकट लेकर अपने गांव आरा जा सके। वह बिना टिकट यात्रा करता है लेकिन विदाउट टिकट पकड़ लिया जाता है। जिसके कारण वह गांव की बजाय जेल पहुंच जाता है... दम तोड़ती ख्वाहिशों से, संघर्ष की ऐसी दास्तां जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी। जिसमें जेल की दुनिया के अनुभव, प्राइवेट नौकरी की दुश्वारियों का विवरण, प्लेटफॉर्म की दुनिया से रूबरू, होने के साथ ही कंपटीशन की अनिश्चितता और असफलता के दौर में हौसले को बनाए रखने का सजीव चित्रण किया गया है। किसी भी कंपटीशन में संघर्ष, आपका स्वयं से होता है न कि दुनिया और प्रतियोगियों की भीड़ से! सफलता हासिल करने की खातिर, आपको स्वयं की भावनाओं पर नियंत्रण स्थापित कर, आंतरिक रूप से स्वयं के आत्म बल को इतना मजबूत करना होगा कि असफलता आपके हौसले के आगे घुटने टेक दे।
Kisey Kehtay Hain Natyakala
by Shambhu MitraA series of selections from the Hindi quarterly Samakalin Bharatiya Sahitya. Those who are inclined towards the Hindi plays must read this and have this book in their collection.
Kismat Ki Khoj Me: किस्मत की खोज में
by Robin Sharmaसंन्यासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी नामक श्रृंखला को सारे संसार में प्रसारित करने वाली अन्य बेस्टसेलिंग पुस्तकों की भांति, किस्मत की खोज में... भी एक समृद्ध तथा अद्भुत कल्पित कथा के रूप में लिखी गई है। पाठकों का परिचय डार सैंडरसन से होता है, जो एक ऐसा उच्च महत्वाकांक्षी एक्ज़ीक्यूटिव है जिसके पास किसी भौतिक सुख-सुविधा का अभाव नहीं, परंतु फिर भी वह प्रसन्नता, सार्थकता व आंतरिक शांति के लिए तरस रहा है। डार की भेंट अनपेक्षित रूप से, जूलियन मेंटल से होती है, वे एक ऐसे संन्यासी के रूप से लोकप्रिय हैं, जिन्होंने अनंत सफलता के रहस्यों को पा लिया है। वे डार को एक ऐसी असाधारण यात्रा पर रवाना कर देते हैं, जहां वह अपने प्रामाणिक अस्तित्व को तलाशते हुए, अपने सपनों से सजे जीवन को पाने का दावा कर सकता है। इसी दौरान, डार सात महत्वपूर्ण पाठ सीखता है, जो किसी के लिए भी उसके बृहत्तर जीवन तक जाने तथा संसार में चमकने के लिए अनिवार्य हैं। इस अविस्मरणीय कथा में, आप पाएंगे: नियंत्रण की प्रवृत्ति को त्याग कर अपनी अनंत संभावनाओं पर विश्वास कैसे करें, आत्म-विश्वासघात के अपराध से बचते हुए, महानता से भरा जीवन कैसे जीएं, किस प्रकार अभ्यासी मन के साथ आत्म-प्रवीणता के उच्चतम स्तरों तक जाएं, भय को सौभाग्य में कैसे बदलें, अपनी पुकार तथा जीवन के उद्देश्य को कैसे तलाशें, अपने लिए पीड़ादायी प्रसंगों को फलदायी प्रसंगों में कैसे बदलें, अपनी संपूर्णतम क्षमताओं को कैसे जागृत करें।
Kissa Hatimtai
by Gopal SharmaOnce upon a time, in Arabia, there lived a man called Hatim Tai. Hatim Tai was very kind and gentle. He was very handsome and also very intelligent. He was famous all over the world for his kindness. A lot of kings were jealous of Hatim Tai. Hatim Tai is the legendary chief of a small district known for his generosity, wisdom and courage. Hatim had a horse which was very fast. When the King of Turkey came to know about Hatim, he said, “Everybody says Hatim is very kind. I will go and test Hatim myself. I will ask him for the horse and, if he gives me the horse, then I will agree that he is the kindest man on this Earth.” How does king test Hatim to get his horse? What is Hatim's response to test?
Kitab! Kitab! Kitab!
by Deborah BrussThe book is about friendship of children and animals. They played with each other all day, but one day children went to school and did not have anything to do. They all go to library and took some books to spend their times. प्रस्तुत पुस्तक में बच्चों और जानवरों की मित्रता के बारे में दिया गया है। वे एक दूसरे के साथ सारा दिन खेला करते थे लेकिन एक दिन बच्चे स्कूल चले जाते है और जानवरों के पास करने के लिये कुछ नहीं होता है तो वे सभी एक पुस्तकालय से किताबें लेकर आते है और अपना समय उन किताबों में व्यतीत करते है।
Kitne Pakistan: कितने पाकिस्तान
by Kamleshwarकमलेश्वर का यह उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की एक दस्तक है इस उम्मीद के साथ कि भारत भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परम्परा अब खत्म हो। "कमलेश्वर ने उपन्यास के बने-बनाए ढाँचे को तोड़ दिया है और लेखकीय अभिव्यक्ति के लिए सब कुछ सम्भव बनाने का दुर्लभ द्वार खोल कर एक नया रास्ता दिखाया है।" "यह उपन्नास बीसवीं सदी की उपलब्धि है। अच्छी पुस्तकें हर काल में सामने आती हैं, आती रहेंगी, लेकिन यह पुस्तक जिस मुकाम पर पहुँची है, वहाँ हमेशा बनी रहेगी।"