- Table View
- List View
Vigyan class 9 - NCERT - 23: विज्ञान ९वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadविज्ञान कक्षा 9वीं का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, विज्ञान की इस पाठ्यपुस्तक में, विशेष आवश्यकता वाले समूह, लिंग भेदभाव, ऊर्जा और पर्यावरण संबंधी मुद्दों को इस पुस्तक में सहजता से समाहित किया गया है। इस पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रबंधन संबंधित कुछ सरोकारों (उदाहरणार्थ, संपोषणीय विकास) पर परिचर्चा करने की प्रेरणा भी मिलेगी ताकि वे इनसे संबंधित सभी तथ्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के पश्चात स्वयं निर्णय ले सकें। इस पुस्तक की कुछ विशेषताएँ इसके प्रभाव को एक विस्तृत आयाम देती हैं। प्रत्येक अध्याय की भूमिका दैनिक जीवन से संबंधित उदाहरणों के साथ दी गई है तथा यथासंभव रूप से विद्यार्थियों द्वारा किए जा सकने वाले क्रियाकलापों को भी समाहित किया गया है।
Vigyan Evam Pradyogikee Aur Computer Railway Group D (Competitive Exam)
by Indic TrustThe Science, Technology and Computer are the important and scoring subjects in Railway Group D examination. Accurate preparation is required to score good marks. This book helps the candidates to do so.
Vigyan Evam Praudyogikee Batein class 8 - JCERT: व्यवसाय के तत्व ९वीं कक्षा - जेसीईआरटी
by Jharkhand Shaikshik Anusandhan Evam Prashikshan Parishad Ranchi"विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" कक्षा 8 की पुस्तक झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित की गई है। यह राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 पर आधारित है और छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करती है। पुस्तक में 18 अध्याय हैं, जो विज्ञान की विविध अवधारणाओं को सरल भाषा और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाते हैं। कोशिका की संरचना, धातु-अधातु, बल-दाब, ज्वाला, घर्षण, प्रकाश, और ध्वनि जैसे विषयों के साथ-साथ किशोरावस्था, फसल उत्पादन, और पर्यावरण संरक्षण पर भी विस्तृत जानकारी दी गई है। हर पाठ में व्यावहारिक गतिविधियाँ, परियोजना कार्य, और अभ्यास प्रश्न दिए गए हैं, जो छात्रों को विषय को गहराई से समझने में मदद करते हैं। इस पुस्तक की प्रमुख विशेषता यह है कि यह दैनिक जीवन के अनुभवों से विज्ञान को जोड़ते हुए छात्रों को प्रयोग आधारित सीखने के लिए प्रेरित करती है। शिक्षकों के लिए मार्गदर्शन और क्यु. आर कोड से डिजिटल सामग्री तक पहुँच को भी शामिल किया गया है। स्थानीय और राष्ट्रीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए तैयार यह पुस्तक छात्रों के नैतिक और वैज्ञानिक मूल्य भी विकसित करती है। विभिन्न वैज्ञानिक शब्दावली को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को कठिन अवधारणाएँ आसानी से समझने में मदद मिलती है। यह पुस्तक छात्रों को आत्म-विश्लेषण, निर्णय क्षमता, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक है। साथ ही, यह वैज्ञानिक खोजों और आविष्कारों की जानकारी प्रदान कर बच्चों को प्रेरित करती है। शिक्षक और छात्रों के सुझावों के आधार पर इसे और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। "अध्ययन ही जीवन की सर्वोत्तम तपस्या है" — इस आदर्श वाक्य के साथ यह पुस्तक छात्रों को निरंतर सीखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
Vigyan Evam Praudyogiki class 6 - S.C.E.R.T. Raipur - Chhattisgarh Board: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कक्षा 6 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पाठ्यपुस्तक कक्षा 6 वी का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पाठ्यपुस्तक में सोलह अध्याय दिये गए है। पाठ्यपुस्तक में हमारी पृथ्वी और सौर परिवार के बारे में बताया है, पर्यावरण के घटक, पदार्थ की प्रकृति और पदार्थों का पृथक्करण, हमारे चारों और होनेवाले बदल और परिवर्तन आदि के बारे में समजाया गया है। मापन, सजीवों के लक्षण एवं वर्गीकरण, सजीवों की संरचना तथा उनके कार्य, गति-बल तथा दाब इनके बारे में पाठ्यपुस्तक में स्पष्टीकरण दिया गया है। इस पाठ्यपुस्तक में विज्ञान और गणित के क्षेत्र में विश्व को गौरवशाली योगदान प्रदान करने वाले कुछ महान भारतीय वैज्ञानिकों तथा गणितज्ञों के विषय में जानकारी भी दी गई है।
Vigyan Evam Praudyogiki class 7 - S.C.E.R.T. Raipur - Chhattisgarh Board: विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी कक्षा 7 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी पाठ्यपुस्तक कक्षा 7 वीं का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पाठ्यपुस्तक में इक्कीस अध्याय दिये गए है। पाठ्यपुस्तक में हमारी पृथ्वी और पृथ्वी पर जीवन, जल, पदार्थ की संरचना और अम्ल क्षारक एवं लवण, मापन, सजीव जगत में संगठन, ऊष्मा तथा ताप और ऊष्मा का संचरण आदि के बारे में समजाया गया है। सजीवों में पोषण, सजीवों में श्वसन, रेशों से वस्त्र, प्रकाश का परावर्तन, सजीवों में परिवहन, उत्सर्जन, सजीवों में नियंत्रण एव समन्वय के बारे में पाठ्यपुस्तक में जानकारी दि है। स्थिर विद्युत, कंकाल जोड़ एवं पेशियाँ, मिट्टी, सजीवों में प्रजनन और विद्युत धारा ओर इसके प्रभाव आदि पुस्तक में स्पष्टीकरण दिया गया है। इस पाठ्यपुस्तक में वैज्ञानिकों के चिंतन तथा वैज्ञानिक पद्धति से मानव जीवन में आए क्रांतीकारी परिवर्तनों का अध्ययन करेंगे।
Vigyan Evam Praudyogiki class 8 - S.C.E.R.T. Raipur - Chhattisgarh Board: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कक्षा 8 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पाठ्यपुस्तक कक्षा 8वी का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पाठ्यपुस्तक में सत्रह अध्याय दिये गए है। पाठ्यपुस्तक में आकाश दर्शन (आकाश में क्या-क्या है?), संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक (संश्लेषित रेशे क्या है), वायुमण्डल, रासायनिक अभिक्रियाएँ - कब और कैसी-कैसी होती है, धातुएँ और अधातुएँ, कार्बन, शरीर की रचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई-कोशिका, सूक्ष्मजीव- एक अद्भुत संसार, प्रकाश का अपवर्तन आदी के बारे में बताया गया है। ध्वनि, विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव, ऊर्जा के स्रोत, खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन, कितना भोजन, कैसा भोजन और कुछ सामान्य रोग इनके बारे में पाठ्यपुस्तक में स्पष्टीकरण दिया गया है। इस पाठ्यपुस्तक में विज्ञान और गणित के क्षेत्र में विश्व को गौरवशाली योगदान प्रदान करने वाले कुछ महान भारतीय वैज्ञानिकों तथा गणितज्ञों के विषय में जानकारी भी दी गई है।
Vigyan evam Prodyogiki
by Kiran Jha Avadhesh Jha Rajendra Prasad SharmaThis book gives practical knowledge of the scientific and industrial development of India. It will also help the students preparing for competitive exam. There is special emphasis on the developments happening in India. This makes the students aware of scientific forgone and vocabularies used by the scientific community. Development in the field of information technology is one of the prime focus of the writer. Civil service aspirants in India will find this book to be of great importance. Experts in the competitive exam sector Consider this book to be of highest orders in terms of the content and presentation
Vigyan Evam Prodyogiki ka Vikash
by Shilvant SinghBook on development of science and technology for civil service aspirants in India
Vigyan ki Aur class 6 - JCERT: विज्ञान की ओर ६वीं कक्षा - जेसीईआरटी
by Jharkhand Shaikshik Anusandhan Evam Prashikshan Parishad Ranchiपुस्तक "विज्ञान की ओर" में छठी कक्षा के छात्रों को विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं को सरल और रचनात्मक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से भोजन, जल, वायु, पौधे, सजीव, वस्तुएं, पदार्थों का पृथक्करण, सजीवों में गति, परिवर्तनों, प्रकाश, गति और दूरियों का मापन, वस्त्र निर्माण, विद्युत और परिपथ, चुंबक और स्वच्छता से संबंधित विषय शामिल किए गए हैं। पुस्तक में छात्रों को प्रायोगिक गतिविधियों और दैनिक जीवन से जुड़ी परिस्थितियों के माध्यम से विज्ञान को समझने का मौका दिया गया है। इसके अलावा, छात्रों को नैतिक शिक्षा और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई है। पुस्तक में झारखंड राज्य की विशेषताओं को भी सम्मिलित किया गया है, जिससे छात्रों को अपने पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के बारे में जागरूक किया जा सके। यह पुस्तक बच्चों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करती है और उन्हें विज्ञान की नई तकनीकों से अवगत कराती है, जिससे उनकी बौद्धिक और व्यावहारिक कुशलता को निखारा जा सके। इस पुस्तक का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें स्वच्छता के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना है। शिक्षक इस पुस्तक का उपयोग करके छात्रों को विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को खेल-खेल में सिखाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। यह पुस्तक छात्रों को न केवल विज्ञान के सिद्धांतों से परिचित कराती है, बल्कि उन्हें सामाजिक और नैतिक मूल्यों को अपनाने की दिशा में भी मार्गदर्शन करती है।
Vigyan Ki Batein class 7 - JCERT: विज्ञान की बातें ७वीं कक्षा - जेसीईआरटी
by Jharkhand Shaikshik Anusandhan Evam Prashikshan Parishad Ranchiइस पाठ्यपुस्तक "विज्ञान की बातें" का मुख्य उद्देश्य सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को विज्ञान की अवधारणाओं से सरल भाषा में परिचित कराना है। यह पुस्तक विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों, प्रक्रियाओं और अवधारणाओं को समझाने के लिए परियोजना कार्यों, क्रियाकलापों, और चित्रों का उपयोग करती है। पुस्तक "विज्ञान की बातें" विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़ते हुए उनकी समझ विकसित करती है। इसमें पौधों में पोषण से लेकर जंतुओं में पाचन, जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन, कीटभक्षी पौधों, प्रकाश संश्लेषण, और विद्युत धारा के प्रभाव जैसी जटिल अवधारणाओं को सरल और बोधगम्य भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसमें दिए गए क्रियाकलाप और परियोजनाएं छात्रों को अपने पर्यावरण से जोड़ने में मदद करती हैं, जैसे पेड़-पौधों के संरक्षण और जल प्रबंधन का महत्व। इसके अलावा, बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करने और उन्हें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए अनेक अभ्यास प्रश्न, सारणी, और परियोजना कार्य दिए गए हैं। पुस्तक में सीखने के प्रतिफल और QR कोड के माध्यम से डिजिटल सामग्री तक पहुंचने की सुविधा दी गई है, जिससे छात्रों की समझ और बेहतर होती है। यह पुस्तक झारखंड राज्य के विशेष संदर्भों के साथ वैज्ञानिक तथ्यों को प्रस्तुत करती है।
Vigyan Saiddhantik Evam Prayogik class 9 - S.C.E.R.T. Raipur - Chhattisgarh Board: विज्ञान सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक कक्षा 9 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.विज्ञान सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक पाठ्यपुस्तक कक्षा 9वी का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पाठ्यपुस्तक में विज्ञान की शिक्षा इस बात पर भी निर्भर करती है कि विषयवस्तु को विद्यार्थियों के अनुभवों व परिवेश से कैसे जोड़ें, जिससे सीखना स्थायी हो सकें। विषयवस्तु को समझने के लिए विभिन्न तथ्यों, नियमों, सिद्धांतों और परिघटनाओं का उपयोग किया गया है, पाठ्यपुस्तक में एन.सी.एफ. में निहित सभी वैधताओं (संज्ञानात्मक, विषयवस्तु, प्रक्रिया, ऐतिहासिक, पर्यावरणीय एवं नैतिक) का भी ध्यान रखा गया है। पाठ्यपुस्तक लेखन का कार्य शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों तथा सहयोगी संस्थाओं के साथियों द्वारा किया गया है।
Vikaas Rangabirangee Kahaaniyaan - Baiganee Rang: विकास रंगबिरंगी कहानियाँ - बैगनी रंग
by C. K. Sampath“विकास रंगबिरंगी कहानियाँ” छोटे बच्चों के लिए लिखी गई सरल और मनोरंजक कहानियों का संग्रह है। यह पुस्तक बहुरंगी चित्रों से सजी हुई है और बच्चों के लिए शैक्षिक और नैतिक संदेश प्रदान करती है। कहानियाँ प्राचीन लोक कथाओं और नैतिक शिक्षाओं पर आधारित हैं, जिनमें एकता, ईमानदारी, चतुराई, और दृढ़ता जैसे गुणों को उजागर किया गया है। प्रत्येक कहानी में बच्चों को अच्छे और बुरे की पहचान सिखाने और जीवन के मूलभूत सिद्धांतों को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया गया है। साथ ही, पुस्तक यह संदेश देती है कि हिंसा और क्रूरता अस्वीकार्य हैं। यह माता-पिता को प्रोत्साहित करती है कि वे अपने बच्चों को इन कहानियों के पाठ पढ़ाएँ और उनका मार्गदर्शन करें।
Vikas Rangbirangi Kahaniya - Gulabi Rang: विकास रंगबिरंगी कहानियाँ - गुलाबी रंग
by C. K. Sampathविकास रंगबिरंगी कहानियाँ बच्चों के लिए समय-समय पर प्रेरित करने वाली कहानियों का एक खूबसूरत संग्रह है। सरल और रोचक भाषा में लिखी गई ये कहानियाँ रंग-बिरंगे चित्रों के साथ प्रस्तुत की गई हैं, जो बच्चों को पढ़ने में मज़ा और आनंद देती हैं। इस संग्रह में प्यासा कौआ और खरगोश और कछुआ जैसी प्रसिद्ध लोककथाएँ शामिल हैं, जो धैर्य, परिश्रम, ईमानदारी और दया जैसे गुणों को उजागर करती हैं। वहीं, ये कहानियाँ लालच और धोखेबाज़ी जैसे दुर्गुणों के प्रति सतर्क भी करती हैं। बच्चों की कल्पनाशक्ति को प्रेरित करते हुए, ये कहानियाँ नैतिकता और जीवन मूल्यों को सिखाने का एक अनोखा और मनोरंजक माध्यम बनती हैं। इस संग्रह को पढ़ते हुए बच्चे सीखते हैं कि मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी सीखे जा सकते हैं।
Vikram-Betaal Ki Prasiddh Kahaniyan
by Om KidzStories of adventure, mystery and intrigue - all told by the vampire Betal to King Vikramaditya. Fascinating illustrations bring each story to life.
Vishv Ki Prachin Sabhyataon Ka Itihaas
by Sushil Madhav Pathakबिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी हिंदी प्रांतों में स्थापित हिंदी ग्रंथ अकादमियों के समकक्ष है और इसे भी भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग से प्रकाशन अनुदान प्राप्त होता है। अकादमी ने अनेक उत्कृष्ट पुस्तकों का सृजन तथा प्रकाशन किया है। प्रस्तुत ग्रंथ "विश्व की प्राचीन सभ्यताओं का इतिहास", डॉ. सुशील माधव पाठक की मौलिक कृति का नवम् संस्करण है। डॉ. सुशील माधव पाठक जी इतिहास एवं पुरातत्त्व-विषय के विद्वान और अनुभवी लेखक हैं। आशा की जाती है कि यह ग्रंथ विश्वविद्यालय-स्तर के छात्र-छात्राओं, अध्यापकों तथा सामान्य पाठकों के लिए रूचिकर होगा। इस ग्रंथ में विश्व की प्राचीन सभ्यताओं के इतिहास का सर्वेक्षण प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। स्नातकोत्तर कक्षाओं में पिछले उन्नीस वर्षों से इस विषय को पढ़ाने के अनुभव के आधार पर यह ग्रंथ लिखा गया है। हिंदी भाषा के माध्यम से एम. ए. कक्षाओं में इतिहास को पढ़ने की अभिरुचि विद्यार्थियों में बढ़ती जा रही है। ग्रंथ के मुद्रण-प्रकाशन में प्राप्त सभी प्रत्यक्ष तथा परोक्ष सहयोग के लिए अकादमी आभार स्वीकार करती है।
Vishva Ka Itihas Class 11 - RBSE Board: विश्व का इतिहास 11वीं कक्षा - आरबीएसई बोर्ड
by Madhyamik Shiksha Board Rajasthan Ajmerप्रस्तुत पुस्तक 'विश्व का इतिहास' माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा निर्धारित कक्षा-11 के नवीन पाठ्याक्रमानुसार लिखी गई है। इसमें आदिमानव से लेकर सम्प्रति काल तक के विवरण का समावेश किया गया है। साथ ही इस बात का ध्यान रखा गया है कि विद्यार्थी इस पुस्तक के अध्ययन से राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक आदि प्रवृत्तियों से परिचित हो सकें। प्राचीन सभ्यताओं और विश्व के धर्म अध्यायों में भारतीय सभ्यता एवं भारतीय धर्मों का भी समावेश किया गया है ताकि विद्यार्थी को भारत के विश्व व्यापी प्रभाव का ज्ञान हो सके। इसी प्रकार अमेरिका के संघर्ष को नये दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया गया ताकि वहाँ की मूलभूत समस्या पर ध्यान केन्द्रित हो सके। आतंकवाद की हुई नवीनतम घटनाओं के समावेश से स्थिति की गम्भीरता का विद्यार्थी अनुमान लगा सकेंगे।
Vishwa Bhugol - Ranchi University, N.P.U: विश्व भूगोल - राँची यूनिवर्सिटी, एन.पी.यू.
by Majid Husainविश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा तैयार किये गये स्नातक (graduate) तथा स्नात्कोत्तर (post-graduate) पाठ्यक्रमों (syllabus) में भी संसार के महाद्वीपों तथा देशों के भूगोल को कोई स्थान नहीं दिया गया है। इसके विपरीत, संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की प्रारंभिक (prelims) परीक्षा के पाठ्यक्रम में संसार तथा प्रत्येक महाद्वीप के मुख्य देशों के भूगोल का विशेष स्थान है जिसके लिये लगभग 30 प्रतिशत अंक रखे गये हैं। भारत के विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में भी कुछ ऐसी ही स्थिति हैं। इन प्रारंभिक परीक्षाओं में उम्मीदवारों (candidates) की सामर्थ्यता की बारीकी के साथ परीक्षण के लिये प्रायोगिक (application), विश्लेषणात्मक (analytical), संलिष्ठ (synthetic) तथा तुलनात्मक (comparison) प्रकार के प्रश्न भूगोल के विद्वानों द्वारा तैयार किये जाते हैं। इस प्रकार के जटिल प्रश्नों का सविश्वास क्रमबद्ध सही उत्तर देने के लिये संसार के विभिन्न देशों के भूगोल का गहन अध्ययन अत्यावश्यक है। यह केवल एक संयोग है कि संसार के भूगोल पर अभी तक एक भी पुस्तक ऐसी नहीं लिखी गई जिसमें संसार के सभी महाद्वीपों, प्रदेशों तथा देशों की भौतिक तथा सांस्कृतिक विशेषताओं पर क्रमबद्ध तथा सुव्यवस्थित चर्चा की गई हो, जिससे कि विद्यार्थियों तथा प्रशासनिक परीक्षा के उम्मीदवारों की समस्याओं का समाधान निकल सके। इस पृष्ठभूमि में प्रस्तुत पुस्तक की योजना 1999 में तैयार की गई थी ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं का किसी सीमा तक निवारण हो सके।
Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay class 11 - NCERT: विश्व इतिहास के कुछ विषय कक्षा 11 - एनसीईआरटी
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadविश्व इतिहास के कुछ विषय 11वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पुस्तक में आपकी यात्रा आरंभिक मानव समाज (विषय 1) तथा आरंभिक नगरों (विषय 2) के विकास से शुरू होगी। फिर देखेंगे कि दुनिया के तीन अलग हिस्सों में कैसे बड़े राज्य-साम्राज्य विकसित हुए और इनको कैसे संगठित किया गया (अनुभाग दो)। अगले अनुभाग में आप देखेंगे कि कैसे नौवीं व पंद्रहवीं शताब्दियों के बीच यूरोपीय समाज व संस्कृति में बदलाव आया और, दक्षिणी अमरीका के लोगों के लिए यूरोपीय विस्तार का क्या अर्थ (अनुभाग तीन) था। अंततः आधुनिक विश्व के जटिल निर्माण का इतिहास पढ़ेंगे (अनुभाग चार)। आपको ये सभी अध्याय इन विषयों के विवादों से परिचित करवाएँगे ताकि आप समझ सकें कि इतिहासकार पुराने मुद्दों पर कैसे निरंतर पुनर्विचार करते रहते हैं। प्रत्येक अनुभाग एक परिचय व कालरेखा से शुरू होता है। परीक्षा के लिए इन तिथिक्रमों को याद रखना ज़रूरी नहीं है। इनके द्वारा यह बताया गया है कि एक खास समय पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में क्या हो रहा था। इनसे आपको विभिन्न जगहों के सापेक्षिक इतिहास को जानने में मदद मिलेगी।
Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay class 11 - NCERT - 23: विश्व इतिहास के कुछ विषय ११वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadविश्व इतिहास के कुछ विषय 11वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पुस्तक में आपकी यात्रा आरंभिक मानव समाज (विषय 1) तथा आरंभिक नगरों (विषय 2) के विकास से शुरू होगी। फिर देखेंगे कि दुनिया के तीन अलग हिस्सों में कैसे बड़े राज्य-साम्राज्य विकसित हुए और इनको कैसे संगठित किया गया (अनुभाग दो)। अगले अनुभाग में आप देखेंगे कि कैसे नौवीं व पंद्रहवीं शताब्दियों के बीच यूरोपीय समाज व संस्कृति में बदलाव आया और, दक्षिणी अमरीका के लोगों के लिए यूरोपीय विस्तार का क्या अर्थ (अनुभाग तीन) था। अंततः आधुनिक विश्व के जटिल निर्माण का इतिहास पढ़ेंगे (अनुभाग चार)। आपको ये सभी अध्याय इन विषयों के विवादों से परिचित करवाएँगे ताकि आप समझ सकें कि इतिहासकार पुराने मुद्दों पर कैसे निरंतर पुनर्विचार करते रहते हैं। प्रत्येक अनुभाग एक परिचय व कालरेखा से शुरू होता है। परीक्षा के लिए इन तिथिक्रमों को याद रखना ज़रूरी नहीं है। इनके द्वारा यह बताया गया है कि एक खास समय पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में क्या हो रहा था। इनसे आपको विभिन्न जगहों के सापेक्षिक इतिहास को जानने में मदद मिलेगी।
Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay class 11 - S.C.E.R.T Raipur - Chhattisgarh Board: विश्व इतिहास के कुछ विषय कक्षा 11 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.विश्व इतिहास के कुछ विषय कक्षा 11 वी का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस पाठपुस्तक में सिखाने वाले के दृष्टीकोण से इस अनुभाग मे समाजो से सम्बन्धीत दो विषयो के बरे मे पढेगे । पहला विषय सुदूर अतीत मे लाखो साल पहले मानव अस्तित्व की शुरुवात बारे मे मानव प्राणीयो का प्रादुर्भाव कैसा हुआ और पुरातत्व विज्ञानीओ ने इतिहास के इन प्रारंभिक चरनो के बारे मे हड्डीयो और पत्थर के औजारो के अवशेषो की सहायता से कैसे मानव की प्रगती हुई इसका शोध किया ।
Vishwas Ki Jeet
by Mitra Phukanयह कहानी सात वर्ष की लड़की ममानी और उसके परिवार की कहानी है। इस कहानी में ममानी अपने विश्वास पर यकीन कर हाथी गणेश के सामने गाना गाती है। जिसको सुनकर हाथी वापिस जंगल चला जाता है। इस तरह वह हाथी से अपने गन्ने के खेत को बचाती है। और अन्त में उसके विश्वास की जीत होती है। This is a story of Seven years old Mamani and her family. Mamani believes in singing a song in front of the elephant Ganesha. After listening to the song elephant goes back to the Jungle. In this way she protects the sugar plantation. from the elephant .And finally faith wins.
Vitan Bhag 1 Class 11 - NCERT: वितान भाग 1 11वीं कक्षा एनसीईआरटी
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadवितान भाग 1 11वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस किताब में कुल चार रचनाएँ संग्रहीत हैं। चारों रचनाएँ मिलकर एक नया संसार रचती हैं। इस नयी रचावट को कथ्य और शिल्प दोनों स्तरों पर देखा जा सकता है। चयन में इसका खयाल रहा है कि विद्यार्थी छोटी रचनाओं के साथ-साथ एक लंबी रचना (आलो-आँधारि) का आनंद लें और उन्हें लंबी रचनाओं को पढ़ने का चस्का लगे।
Vitan Bhag 1 class 11 - NCERT - 23: वितान भाग-१ ११वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadवितान भाग 1 11वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है, इस किताब में कुल चार रचनाएँ संग्रहीत हैं। चारों रचनाएँ मिलकर एक नया संसार रचती हैं। इस नयी रचावट को कथ्य और शिल्प दोनों स्तरों पर देखा जा सकता है। चयन में इसका खयाल रहा है कि विद्यार्थी छोटी रचनाओं के साथ-साथ एक लंबी रचना (आलो-आँधारि) का आनंद लें और उन्हें लंबी रचनाओं को पढ़ने का चस्का लगे।
Vitan Bhag 1 class 11 - S.C.E.R.T Raipur - Chhattisgarh Board: वितान भाग-1 कक्षा 11 - एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर - छत्तीसगढ़ बोर्ड
by Rajya Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad Raipur C. G.वितान भाग 1 कक्षा 11 वी का राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ रायपुर ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है । ग्यारहवी कक्षा में हिंदी (आधार) पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए वितान भाग 1 की परिकल्पना की गई तो भाषा, देश, विधा, आकार पर गहनता से विचार किया गया। इस किताब में कुल चार रचनाएँ संग्रहीत हैं। चारों रचनाएँ मिलकर एक नया संसार रचती हैं। इस नयी रचावट को कथ्य और शिल्प दोनों स्तरों पर देखा जा सकता है। चयन में इसका खयाल रहा है कि विद्यार्थी छोटी रचनाओं के साथ-साथ एक लंबी रचना (आलो-आँधारि) का आनंद लें और उन्हें लंबी रचनाओं को पढ़ने का चस्का लगे।