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Durva Bhag 2 class 7 - NCERT: दूर्वा भाग 2 कक्षा 7 - एनसीईआरटी

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

दूर्वा भाग 2 कक्षा 7 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक-द्वितीय भाषा - यह किताब राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (2005) के आधार पर तैयार किए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। यह पारंपरिक भाषा-शिक्षण की सभी सीमाओं से आगे जाती है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की नयी रूपरेखा भाषा को बच्चे के व्यक्तित्व का सबसे समृद्ध संसाधन मानते हुए उसे पाठ्यक्रम के हर विषय से जोड़कर देखती है। भाषा की शिक्षा मातृभाषा से प्रभावित मात्र ही नहीं होती बल्कि वह द्वितीय भाषा कौशल की समृद्धि में भी लाभप्रद और सहायक सिद्ध होती है। इसी को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों के हिंदी की सामान्य संरचनाओं की जानकारी को धीरे-धीरे उसकी विशिष्ट और विपुल संरचनाओं की जानकारी से जोड़ने की कोशिश इसमें की गई है। इसमें यथासंभव सहज और सरल भाषिक संरचनाओं वाले सरस और रोचक पाठों का चयन किया गया है। पाठों के चयन में हिंदी के महत्त्वपूर्ण रचनाकारों की बाल रचनाओं को शामिल कर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी पढ़ने-पढ़ानेवालों को हिंदी की समृद्ध साहित्य परंपरा के प्रति रुचि बढ़ाने की भी कोशिश है। पाठों की भाषा और विषयवस्तु न केवल महत्त्वपूर्ण है बल्कि अन्य विषयों के ज्ञान को भी अपने में समेटे हुए है, जो विद्यार्थियों की भाषा और साहित्य को पढ़ने-समझने और जानने-बताने की रुचि को बढ़ाने में सहायक होगी।

Durva Bhag-2 class 7 - NCERT - 23: दूर्वा भाग-२ ७वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

दूर्वा भाग 2 कक्षा 7 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक-द्वितीय भाषा - यह किताब राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (2005) के आधार पर तैयार किए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। यह पारंपरिक भाषा-शिक्षण की सभी सीमाओं से आगे जाती है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की नयी रूपरेखा भाषा को बच्चे के व्यक्तित्व का सबसे समृद्ध संसाधन मानते हुए उसे पाठ्यक्रम के हर विषय से जोड़कर देखती है। भाषा की शिक्षा मातृभाषा से प्रभावित मात्र ही नहीं होती बल्कि वह द्वितीय भाषा कौशल की समृद्धि में भी लाभप्रद और सहायक सिद्ध होती है। इसी को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों के हिंदी की सामान्य संरचनाओं की जानकारी को धीरे-धीरे उसकी विशिष्ट और विपुल संरचनाओं की जानकारी से जोड़ने की कोशिश इसमें की गई है। इसमें यथासंभव सहज और सरल भाषिक संरचनाओं वाले सरस और रोचक पाठों का चयन किया गया है। पाठों के चयन में हिंदी के महत्त्वपूर्ण रचनाकारों की बाल रचनाओं को शामिल कर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी पढ़ने-पढ़ानेवालों को हिंदी की समृद्ध साहित्य परंपरा के प्रति रुचि बढ़ाने की भी कोशिश है। पाठों की भाषा और विषयवस्तु न केवल महत्त्वपूर्ण है बल्कि अन्य विषयों के ज्ञान को भी अपने में समेटे हुए है, जो विद्यार्थियों की भाषा और साहित्य को पढ़ने-समझने और जानने-बताने की रुचि को बढ़ाने में सहायक होगी।

Durva Bhag 3 class 8 - Goa Board: दूर्वा भाग 3 कक्षा 8 - गोवा बोर्ड

by Shikshan Sanchalnalay Panaji Goa

दूर्वा भाग-3 कक्षा आठवीं यह किताब राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 के आधार पर तैयार किए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की नयी रूपरेखा भाषा को बच्चे के व्यक्तित्त्व का सबसे समृद्ध संसाधन मानते हुए उसे पाठ्यक्रम के हर विषय से जोड़कर देखती है। हम जानते हैं कि भाषा की शिक्षा मातृभाषा से प्रभावित मात्र ही नहीं होती बल्कि वह द्वितीय भाषा कौशल की समृद्धि में भी लाभप्रद और सहायक सिद्ध होती है। इसलिए बदलते परिवेश एवं संदर्भ में ज्ञान के क्षेत्रों में हो रहे व्यापक परिवर्तन के कारण भी भाषा की शिक्षा को अन्य विषयों की शिक्षा के साथ मिलाजुलाकर देखने की ज़रूरत है। भाषा की महत्ता तो स्वयं सिद्ध है। इसी को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों की हिंदी की सामान्य संरचनाओं की जानकारी को धीर-धीरे उसकी विशिष्ट और विपुल संरचनाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसमें हिंदी भाषा और साहित्य के विविध रूप-स्वरूप को सरल, सहज और रुचिकर पाठों के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया गया है। हिंदी भाषा और साहित्य की विभिन्न विधाओं और शैलियों के साथ-साथ अन्य-विषयक ज्ञान से संबंधित सामग्रियों से तैयार विभिन्न पाठों द्वारा विद्यार्थियों को हिंदी की समृद्ध परंपरा से स्वाभाविक रूप से जोड़ने की कोशिश की गई है।

Durva Bhag 3 class 8 - NCERT: दूर्वा भाग 3 कक्षा 8 - एनसीईआरटी

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

कक्षा 8 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक, एन.सी.ई.आर.टी. इस पुस्तक की रचना के लिए बनाई गई पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति के परिश्रम के लिए कृतज्ञता व्यक्त करती है। परिषद् भाषा सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर नामवर सिंह और इस पुस्तक के मुख्य सलाहकार प्रोफ़ेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल की विशेष आभारी है। पाठ्यपुस्तक के विकास में कई शिक्षकों ने योगदान किया, इस योगदान को संभव बनाने के लिए परिषद् उनके प्राचार्यों एवं उन सभी संस्थाओं और संगठनों के प्रति कृतज्ञ है जिन्होंने अपने संसाधनों, सामग्री तथा सहयोगियों की मदद लेने में हमें उदारतापूर्वक सहयोग दिया। परिषद माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रोफ़ेसर मृणाल मीरी एवं प्रोफ़ेसर जी.पी. देशपांडे की अध्यक्षता में गठित निगरानी समिति (मॉनिटरिंग कमेटी) के सदस्यों को अपना मूल्यवान समय और सहयोग देने के लिए धन्यवाद देती है।

Durva Bhag-3 class 8 - NCERT - 23: दूर्वा भाग-३ ८वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३

by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishad

कक्षा 8 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक, एन.सी.ई.आर.टी. इस पुस्तक की रचना के लिए बनाई गई पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति के परिश्रम के लिए कृतज्ञता व्यक्त करती है। परिषद् भाषा सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर नामवर सिंह और इस पुस्तक के मुख्य सलाहकार प्रोफ़ेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल की विशेष आभारी है। पाठ्यपुस्तक के विकास में कई शिक्षकों ने योगदान किया, इस योगदान को संभव बनाने के लिए परिषद् उनके प्राचार्यों एवं उन सभी संस्थाओं और संगठनों के प्रति कृतज्ञ है जिन्होंने अपने संसाधनों, सामग्री तथा सहयोगियों की मदद लेने में हमें उदारतापूर्वक सहयोग दिया। परिषद माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रोफ़ेसर मृणाल मीरी एवं प्रोफ़ेसर जी.पी. देशपांडे की अध्यक्षता में गठित निगरानी समिति (मॉनिटरिंग कमेटी) के सदस्यों को अपना मूल्यवान समय और सहयोग देने के लिए धन्यवाद देती है।

Durva Praveshika class 5 - Goa Board: दूर्वा प्रवेशिका कक्षा 5 - गोवा बोर्ड

by Shikshan Sanchalnalay Parvari Goa

दूर्वा प्रवेशिका कक्षा 5 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक है। यह किताब राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (2005) के आधार पर तैयार किए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। यह पारंपरिक भाषा-शिक्षण की सभी सीमाओं से आगे जाती है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की नयी रूपरेखा भाषा को बच्चे के व्यक्तित्व का सबसे समृद्ध संसाधन मानते हुए उसे पाठ्यक्रम के हर विषय से जोड़कर देखती है। भाषा की शिक्षा मातृभाषा से प्रभावित मात्र ही नहीं होती बल्कि वह द्वितीय भाषा कौशल की समृद्धि में भी लाभप्रद और सहायक सिद्ध होती है। इसी को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों के हिंदी की सामान्य संरचनाओं की जानकारी को धीरे-धीरे उसकी विशिष्ट और विपुल संरचनाओं की जानकारी से जोड़ने की कोशिश इसमें की गई है। इसमें यथासंभव सहज और सरल भाषिक संरचनाओं वाले सरस और रोचक पाठों का चयन किया गया है। पाठों के चयन में हिंदी के महत्त्वपूर्ण रचनाकारों की बाल रचनाओं को शामिल कर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी पढ़ने-पढ़ानेवालों को हिंदी की समृद्ध साहित्य परंपरा के प्रति रुचि बढ़ाने की भी कोशिश है। पाठों की भाषा और विषयवस्तु न, केवल महत्त्वपूर्ण है बल्कि अन्य विषयों के ज्ञान को भी अपने में समेटे हुए है, जो विद्यार्थियों की भाषा और साहित्य को पढ़ने-समझने और जानने-बताने की रुचि को बढ़ाने में सहायक होगी।

Dusht Kaua

by Sanjeev Thakur

"दुष्ट कौआ" यह एक दुष्‍ट कौवें की कहानी हैं। जो घोंसले में रहने वाले पक्षियों के अण्‍डों को फोड़कर नुकसान पहुँचाता था। वह एक के बाद एक सबके पास मदद माँगने जाता है और अंत में वह शरमा कर जंगल की ओर उड़ जाता है। This is a story about a cruel crow who used to destroy the eggs of other birds and run away to the forest.

Dwandageet

by Ramdhari Singh Dinkar

Written by Dinkar from the years 1932 to 1939 and finally published in 1939, this is one of the best poems written by the poet.

Edison (Adrishya Niyamon Ke Gyata)

by Tejgyan Global Foundation

This book is not only Thomas Edisons biography. This is portrayal of a man who fund out his internal capabilities. This book is not only about Edison success factors that have made the highlights, but also his lifes many tales.

EHI01 Aamul Parivartanvaadi Pravattiyan Rashtravaad aur Mahatama Gandhi - IGNOU

by Ignou

This unit will tell the readers about the growth of marxism and socialism. This also explains about the scientific socialism. The first world war took place in the same time so it traces the causes of world war also. Russian revolution, causes and effects have been discussed in detail for the benefit of student of history. This era also saw the rise of revolutionaries and its effect on India can also be seen. Readers will the the emergence of Gandhi at the end of the unit.

EHI01 Prabhuta Sampann Rajya ki Ore - IGNOU

by Ignou

This is the 7th book of EHI01 with emphasis on these topics. Chapter 34. Divatiya Vishwa Yudhdh ke Dauran Bhartiya Rashtravaad; Bharat Chhodo Andolan tatha Ajad Hind Fauj, Chapter 35. Swatantrata ki ore; 1945-1947, Chapter 36. sampradayikta aur Bharat ka vibhajan, Chapter 37. Loktantrik Shasan Pranali ki sthapana.

EHI01 Rashtravaad Vishwa Yudhdho ke Madhya-2 - IGNOU

by Ignou

This unit traces the Indian Naitional Movement during 1920 and 1930. Unit 23 studies the effect of literature on National movement. further chapters discuss about revolutionalry and terrorist movement in the late 1920. Congress started the second revolution in 1930. causes of start of non cooperation movement have also been discussed. communist moement has also been analysed in this unit.

EHI01 Rashtravaad Vishwa Yudhdho ke Madhya-3 - IGNOU

by Ignou

This is the 6th book of EHI01 with emphasis on these topics. Chapter 29 : Sanvaidhanik Sudhar 1921-1935, Chapter 30: 1937 ke chunav tatha congress mantrimandal, Chapter 31: Bhartiya Poonjivaad ka uday; Swatantrata Sangram me uski Bhumika, Chapter 32 : Desi riyasato me Jan Sangharsh,Chapter 33 : Divatiya Vishwa Yudhdh; kaaran, vistaar tatha parinam.

EHI01 Rastravad Vishwa Yudhdho ke Dauraan-1 - IGNOU

by Ignou

This unit discusses about the constitutional development happening between 1892 to 1920. Non cooperation movement and khilafat movement are discussed in detail. Regional movements like akali and non brahmin movement have also been discussed. swaraj party, its rise and fall has been discussed. The rise of communalism during national movement have also been analysed in this unit.

EHI01 Samrajyavaad,Upniveshvaad tatha Rashtravaad - IGNOU

by Ignou

This unit analyses the rise of colonialism and nationalism in India. With the nationalism it also traces the history of the movement of 1857 in India. Expansionism of Britishers have been discussed and analysed. Administrative and colonial rule have also been discussed and analysed in a very simple way.

EHI01 Sangathit Rashtravaad ka Uday - IGNOU

by Ignou

This section traces the effort of britishers to strengthen them after revolt of 1857. The emergence of of various movements are also covered in this part. This unit explores the causes of the rise of congress. this unit will also make the readers aware of swadeshi movement.

EHI01 Swatantra Bharat Vikas ki Ore 1947-1964 - IGNOU

by Ignou

This is the 8th book of EHI01 with emphasis on these topics. Chapter 38. Yojana aur Audhyogikaran, Chapter 39. Yojana aur Bhoomi Sudhar, Chapter 40. Videsh Neeti 1947-1964, Chapter 41. Dharmnirpekshta: Siddhant aur vyavhaar

EHI02 Bharat 200 Eesa Purv Se 300 Isvin Tak - IGNOU

by Ignou

In this unit the student learns about the time from 200 b.c to 300 a.d.. The political activities till the end of mauryas in north and north west of india have been analysed. The trade and expansion of cities and changes in the region of religon and art and architecture have been given with proper details.

EHI02 Bharat-Chhthi Se Chauthi Shatabdi Eesa Purv Tak - IGNOU

by Ignou

This unit will enable the student the understand the society before six b.c.. It also we help the student to understand the rise of new groups including janpad and maha janpad. The growth of city centers, social and economic condition has been elaborated in detial. This was the time when we see the rise of buddha as spiritual guru.

EHI02 Bhartiya Rajtantra-300 Isvin Se 800 Isvin Tak - IGNOU

by Ignou

This is the 8th book of EHI02 with emphasis on these topics. Chapter 32. Gupt Samrajya, Chapter 33. Guptkaal : Arthvyavastha, Samaj aur Rajyatantra Vyavastha, Chapter 34. Uttar Bharat me Guptkaal ke Baad ke Rajya, Chapter 35. Dakkhan aur Dakshin Bharat ke Rajya.

EHI02 Dakshin Bharat Me Rajya Evm Samaj 200 Se 300 Eesa Purv Tak - IGNOU

by Ignou

This is the 7th book of EHI02 with emphasis on these topics. Chapter 27.Dakshin me Arambhik Rajya Nirman, Chapter 28. Dakshin Bharat me Arambhik Rajya ki Utpatti(Tamil Kshetra), Chapter 29. Krashak Bastiyo ka vistaar, Chapter 30. Vyapaar aur shahari kendro ka visthaar, Chapter 31. Tamil Bhasha aur Sahitya ka Vikas

EHI02 Hadappa Ki Sabhyata - IGNOU

by Ignou

The excavation done during 20th century in harappa and mohan jodro changed to the way we look at indian history. It forced the historians to go way on six century b.c.. The chapters tell us how an entire civilisation. Although the script has not been read by us but lot of information are found through others sources. Their trade, communication, religon, are discussed for the benefit of students.

EHI02 Paryavaran aur Anukulan Ka Aarambhik Svaroop - IGNOU

by Ignou

This units is divided into 4 chapters. It begins with how human had coordination with nature. Next chapters analysis the causes due to which some areas grew rapidly. In third and 4th chapter reader will get to know how cultural development took place in Indian sub continent.

EHI02 Pracheen Bhartiya Samaj Ka Vikas - IGNOU

by Ignou

This unit discusses the fall of copper and stone age in Indian sub continent the chapters will tell the students how the village culture grew with agricultural as the focal point. With this we see rise of iron age. initial vedic society and the changes it saw have been discussed in detail.

EHI02 Prarambhik Madhya Kaal Me Sankraman - IGNOU

by Ignou

This is the 9th book of EHI02 with emphasis on these topics. Chapter 36. Arthvyavastha me Parivartan, Chapter 37. Samaj me Parivartan, Chapter 38. Rajneetik Vyavastha ki Sanrachana : Samanto, Mahasamanto aur Shasko tatha Adhikariyo ke Anya Varg, Chapter 39. Dharm ke Kshetra me Parivartan.

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